जीवन

चिराग जलाने का सीखो सलीका, हवायों पे इलज़ाम लगाने से क्या होगा

चिराग जलाने का सीखो सलीका, हवायों पे इलज़ाम लगाने से क्या होगा

चिराग जलाने का सलीका सीखो साहेब, हवाओं पे इलज़ाम लगाने से क्या होगा मुश्किलों का हल खुद निकालो साहेब, किसी के पल्लू पकडाने से क्या होगा जब निकल जायेगा सांप, रह जाएगी सिर्फ लकीर, उसे पकड़ पाने से क्या होगा सामना करो हिम्मत से हर मुश्किल का, डर के मारे मुंह छुपाने से क्या होगा […]

चारों तरफ लक्कड़हारे हैं, पेड़ कहाँ पर हारे हैं

चारों तरफ लक्कड़हारे हैं, पेड़ कहाँ पर हारे हैं

चारों तरफ लक्कड़हारे हैं, फिर भी पेड़ कहाँ हारे हैं जम के काट रहे हरिआली को, फिर भी हरे भरे नज़ारे हैं यही तो है जीवन का अर्थ, यही है इस जीवन का सार जिसको इतना सा समझ आ गया, उसका हो गया बेडा पार कुरुक्षेत्र के मैदान की तरह सब तरफ है हाहाकार और […]